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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, शुक्र, 19 सितंबर 2031

शुक्र, 19 सितंबर 2031 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र चित्रा, योग शुक्ल और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:33 – दोपहर 12:04 है।

सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 6:09
तिथि
तृतीया · रात 12:30 तक
नक्षत्र
चित्रा · रात 9:26 तक
योग
शुक्ल
करण
तैतिल
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:33 – दोपहर 12:04
यमगंड
दोपहर 3:06 – शाम 4:38
गुलिक काल
सुबह 7:31 – सुबह 9:02
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:34 – दोपहर 12:22
अमृत काल
दोपहर 12:50 – दोपहर 2:21

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आज पुदुच्चेरी में

शुक्र, 19 सितंबर 2031 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र चित्रा, योग शुक्ल और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 10:33 – दोपहर 12:04 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 20 सितंबर 2031चतुर्थीस्वातीसुबह 9:02 – सुबह 10:33
रवि, 21 सितंबर 2031पंचमीविशाखाशाम 4:36 – शाम 6:07
सोम, 22 सितंबर 2031षष्ठीअनुराधासुबह 7:30 – सुबह 9:01
मंगल, 23 सितंबर 2031सप्तमीज्येष्ठादोपहर 3:04 – शाम 4:35
बुध, 24 सितंबर 2031अष्टमीमूलदोपहर 12:02 – दोपहर 1:33
गुरु, 25 सितंबर 2031नवमीपूर्वाषाढ़ादोपहर 1:33 – दोपहर 3:03

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 19 सितंबर 2031 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; रात 12:30 तक।

शुक्र, 19 सितंबर 2031 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; रात 9:26 तक।

शुक्र, 19 सितंबर 2031 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 10:33 – दोपहर 12:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 19 सितंबर 2031 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:09 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।