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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, सोम, 2 जून 2031

सोम, 2 जून 2031 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र चित्रा, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 7:21 – सुबह 8:57 है।

सूर्योदय
तड़के 5:45
सूर्यास्त
शाम 6:32
तिथि
द्वादशी · रात 2:21 तक
नक्षत्र
चित्रा · शाम 5:32 तक
योग
व्यतीपात
करण
बव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:21 – सुबह 8:57
यमगंड
सुबह 10:32 – दोपहर 12:08
गुलिक काल
दोपहर 1:44 – दोपहर 3:20
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
सुबह 6:33 – सुबह 8:09

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आज पुदुच्चेरी में

सोम, 2 जून 2031 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र चित्रा, योग व्यतीपात और करण बव है। राहु काल सुबह 7:21 – सुबह 8:57 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 3 जून 2031त्रयोदशीस्वातीदोपहर 3:20 – शाम 4:56
बुध, 4 जून 2031चतुर्दशीविशाखादोपहर 12:09 – दोपहर 1:45
गुरु, 5 जून 2031पूर्णिमाअनुराधादोपहर 1:45 – दोपहर 3:21
शुक्र, 6 जून 2031प्रतिपदाज्येष्ठासुबह 10:33 – दोपहर 12:09
शनि, 7 जून 2031द्वितीयामूलसुबह 8:57 – सुबह 10:33
रवि, 8 जून 2031तृतीयाउत्तराषाढ़ाशाम 4:57 – शाम 6:33

सामान्य प्रश्न

सोम, 2 जून 2031 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 2:21 तक।

सोम, 2 जून 2031 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र चित्रा है; शाम 5:32 तक।

सोम, 2 जून 2031 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 7:21 – सुबह 8:57 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 2 जून 2031 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:45 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।