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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, शनि, 21 दिसंबर 2030

शनि, 21 दिसंबर 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र स्वाती, योग शोभन और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:17 – सुबह 10:43 है।

सूर्योदय
सुबह 6:25
सूर्यास्त
शाम 5:51
तिथि
एकादशी · दोपहर 12:33 तक
नक्षत्र
स्वाती · शाम 5:15 तक
योग
शोभन
करण
बालव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:17 – सुबह 10:43
यमगंड
दोपहर 1:34 – दोपहर 3:00
गुलिक काल
सुबह 6:25 – सुबह 7:51
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:40 – दोपहर 12:28
अमृत काल
दोपहर 2:17 – दोपहर 3:42

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आज पुदुच्चेरी में

शनि, 21 दिसंबर 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र स्वाती, योग शोभन और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:17 – सुबह 10:43 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 22 दिसंबर 2030द्वादशीविशाखाशाम 4:26 – शाम 5:52
सोम, 23 दिसंबर 2030त्रयोदशीअनुराधासुबह 7:52 – सुबह 9:18
मंगल, 24 दिसंबर 2030अमावस्याज्येष्ठादोपहर 3:01 – शाम 4:27
बुध, 25 दिसंबर 2030प्रतिपदामूलदोपहर 12:10 – दोपहर 1:36
गुरु, 26 दिसंबर 2030द्वितीयाउत्तराषाढ़ादोपहर 1:36 – दोपहर 3:02
शुक्र, 27 दिसंबर 2030तृतीयाश्रवणसुबह 10:45 – दोपहर 12:11

सामान्य प्रश्न

शनि, 21 दिसंबर 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; दोपहर 12:33 तक।

शनि, 21 दिसंबर 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र स्वाती है; शाम 5:15 तक।

शनि, 21 दिसंबर 2030 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 9:17 – सुबह 10:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 21 दिसंबर 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:25 और सूर्यास्त शाम 5:51 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।