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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, बुध, 4 सितंबर 2030

बुध, 4 सितंबर 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र अनुराधा, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:09 – दोपहर 1:42 है।

सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 6:19
तिथि
सप्तमी · शाम 4:29 तक
नक्षत्र
अनुराधा · रात 12:56 तक
योग
इन्द्र
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:09 – दोपहर 1:42
यमगंड
सुबह 7:32 – सुबह 9:05
गुलिक काल
सुबह 10:37 – दोपहर 12:09
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
अमृत काल
सुबह 9:51 – सुबह 11:23

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आज पुदुच्चेरी में

बुध, 4 सितंबर 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र अनुराधा, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:09 – दोपहर 1:42 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 5 सितंबर 2030अष्टमीज्येष्ठादोपहर 1:41 – दोपहर 3:13
शुक्र, 6 सितंबर 2030नवमीमूलसुबह 10:36 – दोपहर 12:09
शनि, 7 सितंबर 2030दशमीपूर्वाषाढ़ासुबह 9:04 – सुबह 10:36
रवि, 8 सितंबर 2030एकादशीउत्तराषाढ़ाशाम 4:44 – शाम 6:16
सोम, 9 सितंबर 2030द्वादशीश्रवणसुबह 7:32 – सुबह 9:04
मंगल, 10 सितंबर 2030चतुर्दशीधनिष्ठादोपहर 3:11 – शाम 4:43

सामान्य प्रश्न

बुध, 4 सितंबर 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; शाम 4:29 तक।

बुध, 4 सितंबर 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; रात 12:56 तक।

बुध, 4 सितंबर 2030 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल दोपहर 12:09 – दोपहर 1:42 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 4 सितंबर 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:19 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।