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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, शनि, 1 जून 2030

शनि, 1 जून 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र रोहिणी, योग अतिगण्ड और करण नाग है। राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:32 है।

सूर्योदय
तड़के 5:45
सूर्यास्त
शाम 6:32
तिथि
अमावस्या · सुबह 11:51 तक
नक्षत्र
रोहिणी · रात 1:38 तक
योग
अतिगण्ड
करण
नाग
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:56 – सुबह 10:32
यमगंड
दोपहर 1:44 – दोपहर 3:20
गुलिक काल
तड़के 5:45 – सुबह 7:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:36 – दोपहर 12:24
अमृत काल
दोपहर 2:32 – शाम 4:08

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आज पुदुच्चेरी में

शनि, 1 जून 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:45 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अमावस्या, नक्षत्र रोहिणी, योग अतिगण्ड और करण नाग है। राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:32 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 2 जून 2030प्रतिपदामृगशिराशाम 4:56 – शाम 6:32
सोम, 3 जून 2030द्वितीयाआर्द्रासुबह 7:21 – सुबह 8:57
मंगल, 4 जून 2030तृतीयाआर्द्रादोपहर 3:21 – शाम 4:56
बुध, 5 जून 2030चतुर्थीपुनर्वसुदोपहर 12:09 – दोपहर 1:45
गुरु, 6 जून 2030पंचमीपुष्यदोपहर 1:45 – दोपहर 3:21
शुक्र, 7 जून 2030षष्ठीआश्लेषासुबह 10:33 – दोपहर 12:09

सामान्य प्रश्न

शनि, 1 जून 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अमावस्या है; सुबह 11:51 तक।

शनि, 1 जून 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; रात 1:38 तक।

शनि, 1 जून 2030 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 8:56 – सुबह 10:32 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 1 जून 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:45 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।