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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, सोम, 11 मार्च 2030

सोम, 11 मार्च 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रोहिणी, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 7:50 – सुबह 9:20 है।

सूर्योदय
सुबह 6:20
सूर्यास्त
शाम 6:21
तिथि
सप्तमी · रात 1:05 तक
नक्षत्र
रोहिणी · तड़के 5:48 तक
योग
Vishkumbha
करण
गर
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:50 – सुबह 9:20
यमगंड
सुबह 10:50 – दोपहर 12:20
गुलिक काल
दोपहर 1:50 – दोपहर 3:21
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
सुबह 7:05 – सुबह 8:35

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आज पुदुच्चेरी में

सोम, 11 मार्च 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:20 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र रोहिणी, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल सुबह 7:50 – सुबह 9:20 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 12 मार्च 2030अष्टमीरोहिणीदोपहर 3:20 – शाम 4:51
बुध, 13 मार्च 2030नवमीमृगशिरादोपहर 12:20 – दोपहर 1:50
गुरु, 14 मार्च 2030दशमीआर्द्रादोपहर 1:50 – दोपहर 3:20
शुक्र, 15 मार्च 2030दशमीपुनर्वसुसुबह 10:49 – दोपहर 12:19
शनि, 16 मार्च 2030एकादशीपुष्यसुबह 9:18 – सुबह 10:49
रवि, 17 मार्च 2030द्वादशीआश्लेषाशाम 4:50 – शाम 6:21

सामान्य प्रश्न

सोम, 11 मार्च 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; रात 1:05 तक।

सोम, 11 मार्च 2030 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; तड़के 5:48 तक।

सोम, 11 मार्च 2030 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 7:50 – सुबह 9:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 11 मार्च 2030 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:20 और सूर्यास्त शाम 6:21 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।