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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, रवि, 21 अक्टूबर 2029

रवि, 21 अक्टूबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र रेवती, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:20 – शाम 5:49 है।

सूर्योदय
सुबह 6:01
सूर्यास्त
शाम 5:49
तिथि
चतुर्दशी · दोपहर 12:32 तक
नक्षत्र
रेवती · तड़के 4:52 तक
योग
ध्रुव
करण
वणिज
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:20 – शाम 5:49
यमगंड
सुबह 11:55 – दोपहर 1:23
गुलिक काल
दोपहर 2:52 – शाम 4:20
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:25 – दोपहर 12:13
अमृत काल
दोपहर 12:39 – दोपहर 2:08

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आज पुदुच्चेरी में

रवि, 21 अक्टूबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र रेवती, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल शाम 4:20 – शाम 5:49 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 22 अक्टूबर 2029पूर्णिमाअश्विनीसुबह 7:29 – सुबह 8:58
मंगल, 23 अक्टूबर 2029प्रतिपदाअश्विनीदोपहर 2:51 – शाम 4:20
बुध, 24 अक्टूबर 2029द्वितीयाभरणीसुबह 11:54 – दोपहर 1:23
गुरु, 25 अक्टूबर 2029तृतीयाकृत्तिकादोपहर 1:22 – दोपहर 2:51
शुक्र, 26 अक्टूबर 2029चतुर्थीरोहिणीसुबह 10:26 – सुबह 11:54
शनि, 27 अक्टूबर 2029पंचमीमृगशिरासुबह 8:58 – सुबह 10:26

सामान्य प्रश्न

रवि, 21 अक्टूबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; दोपहर 12:32 तक।

रवि, 21 अक्टूबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; तड़के 4:52 तक।

रवि, 21 अक्टूबर 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल शाम 4:20 – शाम 5:49 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 21 अक्टूबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:01 और सूर्यास्त शाम 5:49 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।