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दैनिक पंचांग

पुदुच्चेरी पंचांग, शनि, 15 सितंबर 2029

शनि, 15 सितंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग विष्कम्भ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:34 है।

सूर्योदय
सुबह 6:00
सूर्यास्त
शाम 6:11
तिथि
अष्टमी · शाम 6:22 तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा · सुबह 10:04 तक
योग
विष्कम्भ
करण
विष्टि
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:02 – सुबह 10:34
यमगंड
दोपहर 1:37 – दोपहर 3:08
गुलिक काल
सुबह 6:00 – सुबह 7:31
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
अमृत काल
दोपहर 2:23 – दोपहर 3:54

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आज पुदुच्चेरी में

शनि, 15 सितंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र ज्येष्ठा, योग विष्कम्भ और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:34 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पुदुच्चेरी – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 16 सितंबर 2029नवमीमूलशाम 4:39 – शाम 6:10
सोम, 17 सितंबर 2029दशमीपूर्वाषाढ़ासुबह 7:31 – सुबह 9:02
मंगल, 18 सितंबर 2029एकादशीउत्तराषाढ़ादोपहर 3:07 – शाम 4:38
बुध, 19 सितंबर 2029द्वादशीश्रवणदोपहर 12:04 – दोपहर 1:35
गुरु, 20 सितंबर 2029त्रयोदशीधनिष्ठादोपहर 1:35 – दोपहर 3:06
शुक्र, 21 सितंबर 2029चतुर्दशीशतभिषासुबह 10:32 – दोपहर 12:03

सामान्य प्रश्न

शनि, 15 सितंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; शाम 6:22 तक।

शनि, 15 सितंबर 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र ज्येष्ठा है; सुबह 10:04 तक।

शनि, 15 सितंबर 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?

पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 9:02 – सुबह 10:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 15 सितंबर 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:00 और सूर्यास्त शाम 6:11 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।