दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, रवि, 24 जून 2029
रवि, 24 जून 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र अनुराधा, योग सिद्ध और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:01 – शाम 6:37 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:48
- सूर्यास्त
- शाम 6:37
- तिथि
- त्रयोदशी · दोपहर 1:17 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · शाम 4:22 तक
- योग
- सिद्ध
- करण
- तैतिल
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 5:01 – शाम 6:37
- यमगंड
- दोपहर 12:13 – दोपहर 1:49
- गुलिक काल
- दोपहर 3:25 – शाम 5:01
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:41 – दोपहर 12:29
- अमृत काल
- दोपहर 1:01 – दोपहर 2:37
आज पुदुच्चेरी में
रवि, 24 जून 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:48 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र अनुराधा, योग सिद्ध और करण तैतिल है। राहु काल शाम 5:01 – शाम 6:37 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 25 जून 2029 | चतुर्दशी | ज्येष्ठा | सुबह 7:24 – सुबह 9:01 |
| मंगल, 26 जून 2029 | पूर्णिमा | मूल | दोपहर 3:25 – शाम 5:02 |
| बुध, 27 जून 2029 | प्रतिपदा | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 12:13 – दोपहर 1:50 |
| गुरु, 28 जून 2029 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:50 – दोपहर 3:26 |
| शुक्र, 29 जून 2029 | तृतीया | श्रवण | सुबह 10:38 – दोपहर 12:14 |
| शनि, 30 जून 2029 | चतुर्थी | धनिष्ठा | सुबह 9:02 – सुबह 10:38 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 24 जून 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 1:17 तक।
रवि, 24 जून 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; शाम 4:22 तक।
रवि, 24 जून 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल शाम 5:01 – शाम 6:37 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 24 जून 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:48 और सूर्यास्त शाम 6:37 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।