दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, रवि, 22 अप्रैल 2029
रवि, 22 अप्रैल 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पुष्य, योग धृति और करण बव है। राहु काल शाम 4:49 – शाम 6:23 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:55
- सूर्यास्त
- शाम 6:23
- तिथि
- अष्टमी · दोपहर 12:55 तक
- नक्षत्र
- पुष्य · शाम 5:17 तक
- योग
- धृति
- करण
- बव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:49 – शाम 6:23
- यमगंड
- दोपहर 12:09 – दोपहर 1:42
- गुलिक काल
- दोपहर 3:16 – शाम 4:49
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:38 – दोपहर 12:26
- अमृत काल
- दोपहर 12:56 – दोपहर 2:29
आज पुदुच्चेरी में
रवि, 22 अप्रैल 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय तड़के 5:55 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पुष्य, योग धृति और करण बव है। राहु काल शाम 4:49 – शाम 6:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 23 अप्रैल 2029 | नवमी | आश्लेषा | सुबह 7:28 – सुबह 9:01 |
| मंगल, 24 अप्रैल 2029 | दशमी | मघा | दोपहर 3:16 – शाम 4:49 |
| बुध, 25 अप्रैल 2029 | एकादशी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 12:08 – दोपहर 1:42 |
| गुरु, 26 अप्रैल 2029 | त्रयोदशी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 1:42 – दोपहर 3:16 |
| शुक्र, 27 अप्रैल 2029 | चतुर्दशी | हस्त | सुबह 10:34 – दोपहर 12:08 |
| शनि, 28 अप्रैल 2029 | पूर्णिमा | स्वाती | सुबह 9:00 – सुबह 10:34 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 22 अप्रैल 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 12:55 तक।
रवि, 22 अप्रैल 2029 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; शाम 5:17 तक।
रवि, 22 अप्रैल 2029 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल शाम 4:49 – शाम 6:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 22 अप्रैल 2029 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:55 और सूर्यास्त शाम 6:23 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।