दैनिक पंचांग
पुदुच्चेरी पंचांग, शनि, 31 अक्टूबर 2026
शनि, 31 अक्टूबर 2026 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:03 पर और सूर्यास्त शाम 5:45 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि षष्ठी है, जो शाम 4:58 तक रहेगी, और नक्षत्र आर्द्रा है, जो सुबह 7:12 तक रहेगा। योग शिव और करण गर है। राहु काल सुबह 8:58 – सुबह 10:26 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 5:45
- तिथि
- षष्ठी · शाम 4:58 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा · सुबह 7:12 तक
- योग
- शिव
- करण
- गर
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:58 – सुबह 10:26
- यमगंड
- दोपहर 1:22 – दोपहर 2:49
- गुलिक काल
- सुबह 6:03 – सुबह 7:30
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:25 – दोपहर 12:13
- अमृत काल
- दोपहर 2:06 – दोपहर 3:33
आज पुदुच्चेरी में
शनि, 31 अक्टूबर 2026 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय सुबह 6:03 पर और सूर्यास्त शाम 5:45 पर होगा। सूर्योदय के समय तिथि षष्ठी है, जो शाम 4:58 तक रहेगी, और नक्षत्र आर्द्रा है, जो सुबह 7:12 तक रहेगा। योग शिव और करण गर है। राहु काल सुबह 8:58 – सुबह 10:26 रहेगा, इसलिए परंपरा के अनुसार इस समय कोई नया शुभ कार्य आरंभ न करें; पूजा, जप और दान के लिए सूर्योदय के बाद का समय उत्तम माना जाता है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पुदुच्चेरी के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 1 नवंबर 2026 | सप्तमी | पुनर्वसु | शाम 4:17 – शाम 5:45 |
| सोम, 2 नवंबर 2026 | अष्टमी | आश्लेषा | सुबह 7:31 – सुबह 8:58 |
| मंगल, 3 नवंबर 2026 | नवमी | मघा | दोपहर 2:49 – शाम 4:17 |
| बुध, 4 नवंबर 2026 | दशमी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 11:54 – दोपहर 1:21 |
| गुरु, 5 नवंबर 2026 | एकादशी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 1:21 – दोपहर 2:49 |
| शुक्र, 6 नवंबर 2026 | द्वादशी | हस्त | सुबह 10:26 – सुबह 11:54 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 31 अक्टूबर 2026 को पुदुच्चेरी में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; शाम 4:58 तक।
शनि, 31 अक्टूबर 2026 को पुदुच्चेरी में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; सुबह 7:12 तक।
शनि, 31 अक्टूबर 2026 को पुदुच्चेरी में राहु काल कब है?
पुदुच्चेरी में राहु काल सुबह 8:58 – सुबह 10:26 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 31 अक्टूबर 2026 को पुदुच्चेरी में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 5:45 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।