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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शनि, 13 सितंबर 2031

शनि, 13 सितंबर 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुष्य, योग वरीयान और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:39 – सुबह 10:12 है।

सूर्योदय
तड़के 5:34
सूर्यास्त
शाम 5:56
तिथि
द्वादशी · रात 8:15 तक
नक्षत्र
पुष्य · दोपहर 12:58 तक
योग
वरीयान
करण
कौलव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:39 – सुबह 10:12
यमगंड
दोपहर 1:18 – दोपहर 2:50
गुलिक काल
तड़के 5:34 – सुबह 7:07
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
अमृत काल
दोपहर 2:04 – दोपहर 3:37

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आज पटना में

शनि, 13 सितंबर 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र पुष्य, योग वरीयान और करण कौलव है। राहु काल सुबह 8:39 – सुबह 10:12 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 14 सितंबर 2031त्रयोदशीआश्लेषाशाम 4:22 – शाम 5:55
सोम, 15 सितंबर 2031चतुर्दशीमघासुबह 7:07 – सुबह 8:39
मंगल, 16 सितंबर 2031अमावस्यापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:48 – शाम 4:20
बुध, 17 सितंबर 2031प्रतिपदाउत्तरा फाल्गुनीसुबह 11:43 – दोपहर 1:15
गुरु, 18 सितंबर 2031द्वितीयाहस्तदोपहर 1:15 – दोपहर 2:47
शुक्र, 19 सितंबर 2031तृतीयाचित्रासुबह 10:11 – सुबह 11:43

सामान्य प्रश्न

शनि, 13 सितंबर 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; रात 8:15 तक।

शनि, 13 सितंबर 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; दोपहर 12:58 तक।

शनि, 13 सितंबर 2031 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 8:39 – सुबह 10:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 13 सितंबर 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:34 और सूर्यास्त शाम 5:56 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।