दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, बुध, 6 अगस्त 2031
बुध, 6 अगस्त 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग शोभन और करण बव है। राहु काल सुबह 11:55 – दोपहर 1:34 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:18
- सूर्यास्त
- शाम 6:32
- तिथि
- चतुर्थी · रात 7:08 तक
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद · सुबह 11:48 तक
- योग
- शोभन
- करण
- बव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- सुबह 11:55 – दोपहर 1:34
- यमगंड
- सुबह 6:57 – सुबह 8:36
- गुलिक काल
- सुबह 10:16 – सुबह 11:55
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
- अमृत काल
- सुबह 9:26 – सुबह 11:05
आज पटना में
बुध, 6 अगस्त 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग शोभन और करण बव है। राहु काल सुबह 11:55 – दोपहर 1:34 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 7 अगस्त 2031 | पंचमी | उत्तरा भाद्रपद | दोपहर 1:34 – दोपहर 3:13 |
| शुक्र, 8 अगस्त 2031 | षष्ठी | रेवती | सुबह 10:16 – सुबह 11:55 |
| शनि, 9 अगस्त 2031 | सप्तमी | अश्विनी | सुबह 8:37 – सुबह 10:16 |
| रवि, 10 अगस्त 2031 | अष्टमी | भरणी | शाम 4:50 – शाम 6:29 |
| सोम, 11 अगस्त 2031 | नवमी | कृत्तिका | सुबह 6:59 – सुबह 8:37 |
| मंगल, 12 अगस्त 2031 | दशमी | रोहिणी | दोपहर 3:11 – शाम 4:49 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 6 अगस्त 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; रात 7:08 तक।
बुध, 6 अगस्त 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; सुबह 11:48 तक।
बुध, 6 अगस्त 2031 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल सुबह 11:55 – दोपहर 1:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 6 अगस्त 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:18 और सूर्यास्त शाम 6:32 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।