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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शनि, 19 अप्रैल 2031

शनि, 19 अप्रैल 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ब्रह्म और करण गर है। राहु काल सुबह 8:36 – सुबह 10:12 है।

सूर्योदय
तड़के 5:23
सूर्यास्त
शाम 6:14
तिथि
त्रयोदशी · रात 10:32 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · सुबह 8:27 तक
योग
ब्रह्म
करण
गर
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:36 – सुबह 10:12
यमगंड
दोपहर 1:25 – दोपहर 3:01
गुलिक काल
तड़के 5:23 – सुबह 6:59
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:16 – दोपहर 12:04
अमृत काल
दोपहर 2:13 – दोपहर 3:49

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आज पटना में

शनि, 19 अप्रैल 2031 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:23 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ब्रह्म और करण गर है। राहु काल सुबह 8:36 – सुबह 10:12 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 20 अप्रैल 2031चतुर्दशीउत्तरा भाद्रपदशाम 4:38 – शाम 6:14
सोम, 21 अप्रैल 2031अमावस्यारेवतीसुबह 6:58 – सुबह 8:35
मंगल, 22 अप्रैल 2031प्रतिपदाअश्विनीदोपहर 3:01 – शाम 4:38
बुध, 23 अप्रैल 2031द्वितीयाभरणीसुबह 11:48 – दोपहर 1:25
गुरु, 24 अप्रैल 2031तृतीयाकृत्तिकादोपहर 1:25 – दोपहर 3:02
शुक्र, 25 अप्रैल 2031चतुर्थीरोहिणीसुबह 10:10 – सुबह 11:47

सामान्य प्रश्न

शनि, 19 अप्रैल 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 10:32 तक।

शनि, 19 अप्रैल 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; सुबह 8:27 तक।

शनि, 19 अप्रैल 2031 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 8:36 – सुबह 10:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 19 अप्रैल 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:23 और सूर्यास्त शाम 6:14 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।