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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, सोम, 10 मार्च 2031

सोम, 10 मार्च 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग धृति और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:33 – सुबह 9:02 है।

सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 5:55
तिथि
प्रतिपदा · सुबह 9:35 तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी · दोपहर 2:49 तक
योग
धृति
करण
कौलव
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:33 – सुबह 9:02
यमगंड
सुबह 10:31 – सुबह 11:59
गुलिक काल
दोपहर 1:28 – दोपहर 2:57
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
अमृत काल
सुबह 6:48 – सुबह 8:17

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आज पटना में

सोम, 10 मार्च 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:04 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी, योग धृति और करण कौलव है। राहु काल सुबह 7:33 – सुबह 9:02 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 11 मार्च 2031द्वितीयाहस्तदोपहर 2:57 – शाम 4:27
बुध, 12 मार्च 2031तृतीयाचित्रासुबह 11:59 – दोपहर 1:28
गुरु, 13 मार्च 2031चतुर्थीस्वातीदोपहर 1:28 – दोपहर 2:58
शुक्र, 14 मार्च 2031षष्ठीविशाखासुबह 10:29 – सुबह 11:58
शनि, 15 मार्च 2031सप्तमीअनुराधासुबह 8:58 – सुबह 10:28
रवि, 16 मार्च 2031अष्टमीज्येष्ठाशाम 4:28 – शाम 5:58

सामान्य प्रश्न

सोम, 10 मार्च 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 9:35 तक।

सोम, 10 मार्च 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है; दोपहर 2:49 तक।

सोम, 10 मार्च 2031 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 7:33 – सुबह 9:02 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 10 मार्च 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 5:55 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।