दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, रवि, 16 फ़रवरी 2031
रवि, 16 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र अनुराधा, योग ध्रुव और करण गर है। राहु काल शाम 4:18 – शाम 5:43 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:24
- सूर्यास्त
- शाम 5:43
- तिथि
- नवमी · दोपहर 1:27 तक
- नक्षत्र
- अनुराधा · तड़के 5:52 तक
- योग
- ध्रुव
- करण
- गर
- वार
- रविवार
- राहु काल
- शाम 4:18 – शाम 5:43
- यमगंड
- दोपहर 12:03 – दोपहर 1:28
- गुलिक काल
- दोपहर 2:53 – शाम 4:18
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
- अमृत काल
- दोपहर 12:46 – दोपहर 2:11
आज पटना में
रवि, 16 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:24 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र अनुराधा, योग ध्रुव और करण गर है। राहु काल शाम 4:18 – शाम 5:43 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 17 फ़रवरी 2031 | दशमी | मूल | सुबह 7:48 – सुबह 9:13 |
| मंगल, 18 फ़रवरी 2031 | एकादशी | पूर्वाषाढ़ा | दोपहर 2:54 – शाम 4:19 |
| बुध, 19 फ़रवरी 2031 | द्वादशी | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 12:03 – दोपहर 1:28 |
| गुरु, 20 फ़रवरी 2031 | चतुर्दशी | श्रवण | दोपहर 1:28 – दोपहर 2:54 |
| शुक्र, 21 फ़रवरी 2031 | अमावस्या | धनिष्ठा | सुबह 10:37 – दोपहर 12:03 |
| शनि, 22 फ़रवरी 2031 | प्रतिपदा | शतभिषा | सुबह 9:11 – सुबह 10:37 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 16 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि नवमी है; दोपहर 1:27 तक।
रवि, 16 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अनुराधा है; तड़के 5:52 तक।
रवि, 16 फ़रवरी 2031 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल शाम 4:18 – शाम 5:43 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 16 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:24 और सूर्यास्त शाम 5:43 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।