दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, मंगल, 4 फ़रवरी 2031
मंगल, 4 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:31 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल दोपहर 2:49 – शाम 4:12 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:31
- सूर्यास्त
- शाम 5:35
- तिथि
- द्वादशी · दोपहर 12:35 तक
- नक्षत्र
- आर्द्रा · रात 10:44 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- बालव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 2:49 – शाम 4:12
- यमगंड
- सुबह 9:17 – सुबह 10:40
- गुलिक काल
- दोपहर 12:03 – दोपहर 1:26
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
- अमृत काल
- सुबह 8:36 – सुबह 9:59
आज पटना में
मंगल, 4 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:31 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग Vishkumbha और करण बालव है। राहु काल दोपहर 2:49 – शाम 4:12 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 5 फ़रवरी 2031 | त्रयोदशी | पुनर्वसु | दोपहर 12:03 – दोपहर 1:26 |
| गुरु, 6 फ़रवरी 2031 | चतुर्दशी | पुष्य | दोपहर 1:26 – दोपहर 2:50 |
| शुक्र, 7 फ़रवरी 2031 | पूर्णिमा | आश्लेषा | सुबह 10:40 – दोपहर 12:03 |
| शनि, 8 फ़रवरी 2031 | प्रतिपदा | मघा | सुबह 9:16 – सुबह 10:40 |
| रवि, 9 फ़रवरी 2031 | द्वितीया | मघा | शाम 4:14 – शाम 5:38 |
| सोम, 10 फ़रवरी 2031 | तृतीया | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 7:52 – सुबह 9:15 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 4 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; दोपहर 12:35 तक।
मंगल, 4 फ़रवरी 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; रात 10:44 तक।
मंगल, 4 फ़रवरी 2031 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल दोपहर 2:49 – शाम 4:12 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 4 फ़रवरी 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:31 और सूर्यास्त शाम 5:35 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।