दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, रवि, 12 जनवरी 2031
रवि, 12 जनवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मघा, योग प्रीति और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:57 – शाम 5:17 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:37
- सूर्यास्त
- शाम 5:17
- तिथि
- चतुर्थी · सुबह 6:29 तक
- नक्षत्र
- मघा · रात 12:45 तक
- योग
- प्रीति
- करण
- बव
- वार
- रविवार
- राहु काल
- दोपहर 3:57 – शाम 5:17
- यमगंड
- सुबह 11:57 – दोपहर 1:17
- गुलिक काल
- दोपहर 2:37 – दोपहर 3:57
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:30 – दोपहर 12:18
- अमृत काल
- दोपहर 12:37 – दोपहर 1:57
आज पटना में
रवि, 12 जनवरी 2031 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र मघा, योग प्रीति और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:57 – शाम 5:17 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| सोम, 13 जनवरी 2031 | चतुर्थी | पूर्वा फाल्गुनी | सुबह 7:57 – सुबह 9:17 |
| मंगल, 14 जनवरी 2031 | पंचमी | उत्तरा फाल्गुनी | दोपहर 2:38 – दोपहर 3:59 |
| बुध, 15 जनवरी 2031 | षष्ठी | हस्त | सुबह 11:58 – दोपहर 1:19 |
| गुरु, 16 जनवरी 2031 | सप्तमी | चित्रा | दोपहर 1:19 – दोपहर 2:40 |
| शुक्र, 17 जनवरी 2031 | अष्टमी | स्वाती | सुबह 10:38 – सुबह 11:59 |
| शनि, 18 जनवरी 2031 | दशमी | विशाखा | सुबह 9:18 – सुबह 10:39 |
सामान्य प्रश्न
रवि, 12 जनवरी 2031 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; सुबह 6:29 तक।
रवि, 12 जनवरी 2031 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 12:45 तक।
रवि, 12 जनवरी 2031 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल दोपहर 3:57 – शाम 5:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
रवि, 12 जनवरी 2031 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:37 और सूर्यास्त शाम 5:17 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।