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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शुक्र, 27 दिसंबर 2030

शुक्र, 27 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र श्रवण, योग व्याघात और करण गर है। राहु काल सुबह 10:31 – सुबह 11:50 है।

सूर्योदय
सुबह 6:33
सूर्यास्त
शाम 5:06
तिथि
तृतीया · दोपहर 12:41 तक
नक्षत्र
श्रवण · रात 10:40 तक
योग
व्याघात
करण
गर
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:31 – सुबह 11:50
यमगंड
दोपहर 2:28 – दोपहर 3:47
गुलिक काल
सुबह 7:52 – सुबह 9:12
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:23 – दोपहर 12:11
अमृत काल
दोपहर 12:29 – दोपहर 1:49

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आज पटना में

शुक्र, 27 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:33 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि तृतीया, नक्षत्र श्रवण, योग व्याघात और करण गर है। राहु काल सुबह 10:31 – सुबह 11:50 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 28 दिसंबर 2030चतुर्थीधनिष्ठासुबह 9:12 – सुबह 10:31
रवि, 29 दिसंबर 2030पंचमीशतभिषादोपहर 3:48 – शाम 5:08
सोम, 30 दिसंबर 2030षष्ठीपूर्वा भाद्रपदसुबह 7:54 – सुबह 9:13
मंगल, 31 दिसंबर 2030सप्तमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 2:30 – दोपहर 3:50
बुध, 1 जनवरी 2031अष्टमीरेवतीसुबह 11:52 – दोपहर 1:12
गुरु, 2 जनवरी 2031नवमीअश्विनीदोपहर 1:12 – दोपहर 2:32

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 27 दिसंबर 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि तृतीया है; दोपहर 12:41 तक।

शुक्र, 27 दिसंबर 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 10:40 तक।

शुक्र, 27 दिसंबर 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 10:31 – सुबह 11:50 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 27 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:33 और सूर्यास्त शाम 5:06 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।