सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शनि, 14 दिसंबर 2030

शनि, 14 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पुष्य, योग ब्रह्म और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:24 है।

सूर्योदय
सुबह 6:27
सूर्यास्त
शाम 5:00
तिथि
चतुर्थी · दोपहर 2:04 तक
नक्षत्र
पुष्य · दोपहर 3:12 तक
योग
ब्रह्म
करण
बालव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:05 – सुबह 10:24
यमगंड
दोपहर 1:03 – दोपहर 2:22
गुलिक काल
सुबह 6:27 – सुबह 7:46
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:17 – दोपहर 12:05
अमृत काल
दोपहर 1:42 – दोपहर 3:01

पूरा पंचांग खोलें

आज पटना में

शनि, 14 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी, नक्षत्र पुष्य, योग ब्रह्म और करण बालव है। राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:24 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 15 दिसंबर 2030पंचमीआश्लेषादोपहर 3:41 – शाम 5:01
सोम, 16 दिसंबर 2030षष्ठीमघासुबह 7:47 – सुबह 9:06
मंगल, 17 दिसंबर 2030सप्तमीपूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:23 – दोपहर 3:42
बुध, 18 दिसंबर 2030अष्टमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 11:45 – दोपहर 1:04
गुरु, 19 दिसंबर 2030नवमीहस्तदोपहर 1:05 – दोपहर 2:24
शुक्र, 20 दिसंबर 2030दशमीचित्रासुबह 10:27 – सुबह 11:46

सामान्य प्रश्न

शनि, 14 दिसंबर 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्थी है; दोपहर 2:04 तक।

शनि, 14 दिसंबर 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पुष्य है; दोपहर 3:12 तक।

शनि, 14 दिसंबर 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 9:05 – सुबह 10:24 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 14 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 5:00 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।