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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, रवि, 1 दिसंबर 2030

रवि, 1 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:38 – शाम 4:58 है।

सूर्योदय
सुबह 6:18
सूर्यास्त
शाम 4:58
तिथि
सप्तमी · शाम 4:48 तक
नक्षत्र
धनिष्ठा · दोपहर 12:38 तक
योग
ध्रुव
करण
वणिज
वार
रविवार
राहु काल
दोपहर 3:38 – शाम 4:58
यमगंड
सुबह 11:38 – दोपहर 12:58
गुलिक काल
दोपहर 2:18 – दोपहर 3:38
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:11 – सुबह 11:59
अमृत काल
दोपहर 12:18 – दोपहर 1:38

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आज पटना में

रवि, 1 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र धनिष्ठा, योग ध्रुव और करण वणिज है। राहु काल दोपहर 3:38 – शाम 4:58 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 2 दिसंबर 2030अष्टमीशतभिषासुबह 7:38 – सुबह 8:58
मंगल, 3 दिसंबर 2030नवमीपूर्वा भाद्रपददोपहर 2:18 – दोपहर 3:38
बुध, 4 दिसंबर 2030दशमीउत्तरा भाद्रपदसुबह 11:39 – दोपहर 12:59
गुरु, 5 दिसंबर 2030एकादशीरेवतीदोपहर 12:59 – दोपहर 2:19
शुक्र, 6 दिसंबर 2030द्वादशीअश्विनीसुबह 10:20 – सुबह 11:40
शनि, 7 दिसंबर 2030त्रयोदशीभरणीसुबह 9:01 – सुबह 10:21

सामान्य प्रश्न

रवि, 1 दिसंबर 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; शाम 4:48 तक।

रवि, 1 दिसंबर 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र धनिष्ठा है; दोपहर 12:38 तक।

रवि, 1 दिसंबर 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 3:38 – शाम 4:58 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 1 दिसंबर 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:18 और सूर्यास्त शाम 4:58 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।