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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, गुरु, 15 अगस्त 2030

गुरु, 15 अगस्त 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र शतभिषा, योग शोभन और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:31 – दोपहर 3:09 है।

सूर्योदय
तड़के 5:22
सूर्यास्त
शाम 6:25
तिथि
द्वितीया · दोपहर 1:16 तक
नक्षत्र
शतभिषा · सुबह 9:14 तक
योग
शोभन
करण
गर
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:31 – दोपहर 3:09
यमगंड
तड़के 5:22 – सुबह 7:00
गुलिक काल
सुबह 8:38 – सुबह 10:16
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
सुबह 11:04 – दोपहर 12:42

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आज पटना में

गुरु, 15 अगस्त 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र शतभिषा, योग शोभन और करण गर है। राहु काल दोपहर 1:31 – दोपहर 3:09 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 16 अगस्त 2030तृतीयापूर्वा भाद्रपदसुबह 10:15 – सुबह 11:53
शनि, 17 अगस्त 2030चतुर्थीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:38 – सुबह 10:15
रवि, 18 अगस्त 2030पंचमीरेवतीशाम 4:45 – शाम 6:22
सोम, 19 अगस्त 2030षष्ठीअश्विनीसुबह 7:01 – सुबह 8:38
मंगल, 20 अगस्त 2030सप्तमीभरणीदोपहर 3:06 – शाम 4:43
बुध, 21 अगस्त 2030अष्टमीकृत्तिकासुबह 11:52 – दोपहर 1:29

सामान्य प्रश्न

गुरु, 15 अगस्त 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; दोपहर 1:16 तक।

गुरु, 15 अगस्त 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र शतभिषा है; सुबह 9:14 तक।

गुरु, 15 अगस्त 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 1:31 – दोपहर 3:09 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 15 अगस्त 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:22 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।