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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, मंगल, 16 जुलाई 2030

मंगल, 16 जुलाई 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र श्रवण, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 5:00 है।

सूर्योदय
तड़के 5:08
सूर्यास्त
शाम 6:42
तिथि
द्वितीया · रात 2:29 तक
नक्षत्र
श्रवण · रात 1:11 तक
योग
Vishkumbha
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:19 – शाम 5:00
यमगंड
सुबह 8:31 – सुबह 10:13
गुलिक काल
सुबह 11:55 – दोपहर 1:37
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:21 – दोपहर 12:09
अमृत काल
सुबह 7:40 – सुबह 9:22

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आज पटना में

मंगल, 16 जुलाई 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:08 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र श्रवण, योग Vishkumbha और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 5:00 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 17 जुलाई 2030तृतीयाधनिष्ठासुबह 11:55 – दोपहर 1:37
गुरु, 18 जुलाई 2030चतुर्थीशतभिषादोपहर 1:37 – दोपहर 3:18
शुक्र, 19 जुलाई 2030पंचमीपूर्वा भाद्रपदसुबह 10:14 – सुबह 11:55
शनि, 20 जुलाई 2030षष्ठीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:32 – सुबह 10:14
रवि, 21 जुलाई 2030सप्तमीरेवतीशाम 4:59 – शाम 6:40
सोम, 22 जुलाई 2030अष्टमीअश्विनीसुबह 6:52 – सुबह 8:33

सामान्य प्रश्न

मंगल, 16 जुलाई 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; रात 2:29 तक।

मंगल, 16 जुलाई 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; रात 1:11 तक।

मंगल, 16 जुलाई 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 3:19 – शाम 5:00 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 16 जुलाई 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:08 और सूर्यास्त शाम 6:42 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।