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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शुक्र, 28 जून 2030

शुक्र, 28 जून 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रोहिणी, योग धृति और करण गर है। राहु काल सुबह 10:09 – सुबह 11:52 है।

सूर्योदय
तड़के 5:01
सूर्यास्त
शाम 6:44
तिथि
त्रयोदशी · रात 10:37 तक
नक्षत्र
रोहिणी · सुबह 7:51 तक
योग
धृति
करण
गर
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:09 – सुबह 11:52
यमगंड
दोपहर 3:18 – शाम 5:01
गुलिक काल
सुबह 6:43 – सुबह 8:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:18 – दोपहर 12:06
अमृत काल
दोपहर 12:44 – दोपहर 2:27

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आज पटना में

शुक्र, 28 जून 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रोहिणी, योग धृति और करण गर है। राहु काल सुबह 10:09 – सुबह 11:52 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 29 जून 2030चतुर्दशीरोहिणीसुबह 8:27 – सुबह 10:10
रवि, 30 जून 2030अमावस्यामृगशिराशाम 5:01 – शाम 6:44
सोम, 1 जुलाई 2030प्रतिपदाआर्द्रासुबह 6:44 – सुबह 8:27
मंगल, 2 जुलाई 2030द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 3:19 – शाम 5:01
बुध, 3 जुलाई 2030द्वितीयापुष्यसुबह 11:53 – दोपहर 1:36
गुरु, 4 जुलाई 2030तृतीयाआश्लेषादोपहर 1:36 – दोपहर 3:19

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 28 जून 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; रात 10:37 तक।

शुक्र, 28 जून 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रोहिणी है; सुबह 7:51 तक।

शुक्र, 28 जून 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 10:09 – सुबह 11:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 28 जून 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:01 और सूर्यास्त शाम 6:44 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।