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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, रवि, 28 अप्रैल 2030

रवि, 28 अप्रैल 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ब्रह्म और करण बालव है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:18 है।

सूर्योदय
तड़के 5:15
सूर्यास्त
शाम 6:18
तिथि
एकादशी · दोपहर 12:28 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद · रात 3:04 तक
योग
ब्रह्म
करण
बालव
वार
रविवार
राहु काल
शाम 4:40 – शाम 6:18
यमगंड
सुबह 11:47 – दोपहर 1:25
गुलिक काल
दोपहर 3:02 – शाम 4:40
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
अमृत काल
दोपहर 12:36 – दोपहर 2:13

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आज पटना में

रवि, 28 अप्रैल 2030 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि एकादशी, नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद, योग ब्रह्म और करण बालव है। राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:18 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 29 अप्रैल 2030द्वादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 6:52 – सुबह 8:30
मंगल, 30 अप्रैल 2030त्रयोदशीरेवतीदोपहर 3:03 – शाम 4:41
बुध, 1 मई 2030चतुर्दशीरेवतीसुबह 11:46 – दोपहर 1:25
गुरु, 2 मई 2030अमावस्याअश्विनीदोपहर 1:25 – दोपहर 3:03
शुक्र, 3 मई 2030प्रतिपदाभरणीसुबह 10:07 – सुबह 11:46
शनि, 4 मई 2030द्वितीयाकृत्तिकासुबह 8:28 – सुबह 10:07

सामान्य प्रश्न

रवि, 28 अप्रैल 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि एकादशी है; दोपहर 12:28 तक।

रवि, 28 अप्रैल 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है; रात 3:04 तक।

रवि, 28 अप्रैल 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल शाम 4:40 – शाम 6:18 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 28 अप्रैल 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:15 और सूर्यास्त शाम 6:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।