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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, बुध, 13 फ़रवरी 2030

बुध, 13 फ़रवरी 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:28 है।

सूर्योदय
सुबह 6:26
सूर्यास्त
शाम 5:41
तिथि
दशमी · सुबह 11:18 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · रात 11:50 तक
योग
इन्द्र
करण
गर
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:03 – दोपहर 1:28
यमगंड
सुबह 7:50 – सुबह 9:14
गुलिक काल
सुबह 10:39 – दोपहर 12:03
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:35 – दोपहर 12:23
अमृत काल
सुबह 9:57 – सुबह 11:21

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आज पटना में

बुध, 13 फ़रवरी 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:26 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग इन्द्र और करण गर है। राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:28 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 14 फ़रवरी 2030एकादशीआर्द्रादोपहर 1:28 – दोपहर 2:52
शुक्र, 15 फ़रवरी 2030द्वादशीपुनर्वसुसुबह 10:38 – दोपहर 12:03
शनि, 16 फ़रवरी 2030त्रयोदशीपुष्यसुबह 9:13 – सुबह 10:38
रवि, 17 फ़रवरी 2030चतुर्दशीआश्लेषाशाम 4:18 – शाम 5:44
सोम, 18 फ़रवरी 2030पूर्णिमामघासुबह 7:47 – सुबह 9:12
मंगल, 19 फ़रवरी 2030प्रतिपदापूर्वा फाल्गुनीदोपहर 2:54 – शाम 4:19

सामान्य प्रश्न

बुध, 13 फ़रवरी 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; सुबह 11:18 तक।

बुध, 13 फ़रवरी 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; रात 11:50 तक।

बुध, 13 फ़रवरी 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 12:03 – दोपहर 1:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 13 फ़रवरी 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:26 और सूर्यास्त शाम 5:41 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।