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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, सोम, 14 जनवरी 2030

सोम, 14 जनवरी 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र भरणी, योग साध्य और करण गर है। राहु काल सुबह 7:57 – सुबह 9:17 है।

सूर्योदय
सुबह 6:37
सूर्यास्त
शाम 5:19
तिथि
दशमी · दोपहर 2:04 तक
नक्षत्र
भरणी · सुबह 7:26 तक
योग
साध्य
करण
गर
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:57 – सुबह 9:17
यमगंड
सुबह 10:38 – सुबह 11:58
गुलिक काल
दोपहर 1:18 – दोपहर 2:39
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:31 – दोपहर 12:19
अमृत काल
सुबह 7:17 – सुबह 8:37

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आज पटना में

सोम, 14 जनवरी 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:37 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि दशमी, नक्षत्र भरणी, योग साध्य और करण गर है। राहु काल सुबह 7:57 – सुबह 9:17 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 15 जनवरी 2030एकादशीकृत्तिकादोपहर 2:39 – शाम 4:00
बुध, 16 जनवरी 2030द्वादशीरोहिणीसुबह 11:59 – दोपहर 1:19
गुरु, 17 जनवरी 2030त्रयोदशीमृगशिरादोपहर 1:20 – दोपहर 2:40
शुक्र, 18 जनवरी 2030चतुर्दशीआर्द्रासुबह 10:39 – सुबह 11:59
शनि, 19 जनवरी 2030पूर्णिमापुनर्वसुसुबह 9:18 – सुबह 10:39
रवि, 20 जनवरी 2030प्रतिपदापुष्यशाम 4:03 – शाम 5:24

सामान्य प्रश्न

सोम, 14 जनवरी 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि दशमी है; दोपहर 2:04 तक।

सोम, 14 जनवरी 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; सुबह 7:26 तक।

सोम, 14 जनवरी 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 7:57 – सुबह 9:17 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 14 जनवरी 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:37 और सूर्यास्त शाम 5:19 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।