सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शनि, 5 जनवरी 2030

शनि, 5 जनवरी 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग ध्रुव और करण बव है। राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:35 है।

सूर्योदय
सुबह 6:36
सूर्यास्त
शाम 5:13
तिथि
प्रतिपदा · सुबह 6:10 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · रात 7:09 तक
योग
ध्रुव
करण
बव
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:15 – सुबह 10:35
यमगंड
दोपहर 1:14 – दोपहर 2:33
गुलिक काल
सुबह 6:36 – सुबह 7:56
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
अमृत काल
दोपहर 1:54 – दोपहर 3:13

पूरा पंचांग खोलें

आज पटना में

शनि, 5 जनवरी 2030 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग ध्रुव और करण बव है। राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:35 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 6 जनवरी 2030तृतीयाश्रवणदोपहर 3:54 – शाम 5:13
सोम, 7 जनवरी 2030चतुर्थीधनिष्ठासुबह 7:56 – सुबह 9:16
मंगल, 8 जनवरी 2030पंचमीशतभिषादोपहर 2:35 – दोपहर 3:55
बुध, 9 जनवरी 2030षष्ठीपूर्वा भाद्रपदसुबह 11:56 – दोपहर 1:16
गुरु, 10 जनवरी 2030सप्तमीउत्तरा भाद्रपददोपहर 1:16 – दोपहर 2:36
शुक्र, 11 जनवरी 2030सप्तमीरेवतीसुबह 10:37 – सुबह 11:57

सामान्य प्रश्न

शनि, 5 जनवरी 2030 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 6:10 तक।

शनि, 5 जनवरी 2030 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 7:09 तक।

शनि, 5 जनवरी 2030 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 9:15 – सुबह 10:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 5 जनवरी 2030 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:36 और सूर्यास्त शाम 5:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।