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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शनि, 29 दिसंबर 2029

शनि, 29 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:13 – सुबह 10:32 है।

सूर्योदय
सुबह 6:34
सूर्यास्त
शाम 5:08
तिथि
नवमी · रात 12:16 तक
नक्षत्र
हस्त · सुबह 9:31 तक
योग
सौभाग्य
करण
तैतिल
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 9:13 – सुबह 10:32
यमगंड
दोपहर 1:10 – दोपहर 2:29
गुलिक काल
सुबह 6:34 – सुबह 7:53
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:25 – दोपहर 12:13
अमृत काल
दोपहर 1:50 – दोपहर 3:09

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आज पटना में

शनि, 29 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:34 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि नवमी, नक्षत्र हस्त, योग सौभाग्य और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 9:13 – सुबह 10:32 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 30 दिसंबर 2029दशमीचित्रादोपहर 3:49 – शाम 5:08
सोम, 31 दिसंबर 2029एकादशीस्वातीसुबह 7:54 – सुबह 9:13
मंगल, 1 जनवरी 2030द्वादशीअनुराधादोपहर 2:31 – दोपहर 3:50
बुध, 2 जनवरी 2030त्रयोदशीज्येष्ठासुबह 11:53 – दोपहर 1:12
गुरु, 3 जनवरी 2030चतुर्दशीमूलदोपहर 1:13 – दोपहर 2:32
शुक्र, 4 जनवरी 2030अमावस्यापूर्वाषाढ़ासुबह 10:34 – सुबह 11:54

सामान्य प्रश्न

शनि, 29 दिसंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि नवमी है; रात 12:16 तक।

शनि, 29 दिसंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; सुबह 9:31 तक।

शनि, 29 दिसंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 9:13 – सुबह 10:32 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 29 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:34 और सूर्यास्त शाम 5:08 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।