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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, गुरु, 20 दिसंबर 2029

गुरु, 20 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र मृगशिरा, योग साध्य और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:06 – दोपहर 2:25 है।

सूर्योदय
सुबह 6:30
सूर्यास्त
शाम 5:03
तिथि
पूर्णिमा · तड़के 4:16 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · सुबह 7:23 तक
योग
साध्य
करण
विष्टि
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:06 – दोपहर 2:25
यमगंड
सुबह 6:30 – सुबह 7:49
गुलिक काल
सुबह 9:08 – सुबह 10:27
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:20 – दोपहर 12:08
अमृत काल
सुबह 11:07 – दोपहर 12:26

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आज पटना में

गुरु, 20 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय सुबह 6:30 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र मृगशिरा, योग साध्य और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 1:06 – दोपहर 2:25 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 21 दिसंबर 2029प्रतिपदामृगशिरासुबह 10:28 – सुबह 11:47
शनि, 22 दिसंबर 2029प्रतिपदाआर्द्रासुबह 9:09 – सुबह 10:28
रवि, 23 दिसंबर 2029द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 3:45 – शाम 5:04
सोम, 24 दिसंबर 2029तृतीयापुष्यसुबह 7:51 – सुबह 9:10
मंगल, 25 दिसंबर 2029चतुर्थीआश्लेषादोपहर 2:27 – दोपहर 3:46
बुध, 26 दिसंबर 2029पंचमीमघासुबह 11:50 – दोपहर 1:09

सामान्य प्रश्न

गुरु, 20 दिसंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; तड़के 4:16 तक।

गुरु, 20 दिसंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; सुबह 7:23 तक।

गुरु, 20 दिसंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 1:06 – दोपहर 2:25 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 20 दिसंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:30 और सूर्यास्त शाम 5:03 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।