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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, रवि, 4 नवंबर 2029

रवि, 4 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र हस्त, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:06 है।

सूर्योदय
तड़के 5:59
सूर्यास्त
शाम 5:06
तिथि
त्रयोदशी · शाम 5:30 तक
नक्षत्र
हस्त · शाम 4:19 तक
योग
Vishkumbha
करण
गर
वार
रविवार
राहु काल
दोपहर 3:42 – शाम 5:06
यमगंड
सुबह 11:32 – दोपहर 12:56
गुलिक काल
दोपहर 2:19 – दोपहर 3:42
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:05 – सुबह 11:53
अमृत काल
दोपहर 12:14 – दोपहर 1:37

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आज पटना में

रवि, 4 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:59 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र हस्त, योग Vishkumbha और करण गर है। राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:06 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 5 नवंबर 2029चतुर्दशीचित्रासुबह 7:23 – सुबह 8:46
मंगल, 6 नवंबर 2029अमावस्यास्वातीदोपहर 2:19 – दोपहर 3:42
बुध, 7 नवंबर 2029प्रतिपदाविशाखासुबह 11:32 – दोपहर 12:55
गुरु, 8 नवंबर 2029तृतीयाज्येष्ठादोपहर 12:55 – दोपहर 2:18
शुक्र, 9 नवंबर 2029चतुर्थीमूलसुबह 10:10 – सुबह 11:33
शनि, 10 नवंबर 2029पंचमीपूर्वाषाढ़ासुबह 8:48 – सुबह 10:10

सामान्य प्रश्न

रवि, 4 नवंबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; शाम 5:30 तक।

रवि, 4 नवंबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; शाम 4:19 तक।

रवि, 4 नवंबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 3:42 – शाम 5:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 4 नवंबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:59 और सूर्यास्त शाम 5:06 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।