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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, रवि, 14 अक्टूबर 2029

रवि, 14 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग शोभन और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:56 – शाम 5:22 है।

सूर्योदय
तड़के 5:47
सूर्यास्त
शाम 5:22
तिथि
अष्टमी · तड़के 4:29 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा · दोपहर 3:49 तक
योग
शोभन
करण
विष्टि
वार
रविवार
राहु काल
दोपहर 3:56 – शाम 5:22
यमगंड
सुबह 11:35 – दोपहर 1:02
गुलिक काल
दोपहर 2:29 – दोपहर 3:56
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:06 – सुबह 11:54
अमृत काल
दोपहर 12:18 – दोपहर 1:45

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आज पटना में

रवि, 14 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:47 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा, योग शोभन और करण विष्टि है। राहु काल दोपहर 3:56 – शाम 5:22 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 15 अक्टूबर 2029नवमीउत्तराषाढ़ासुबह 7:14 – सुबह 8:41
मंगल, 16 अक्टूबर 2029दशमीश्रवणदोपहर 2:27 – दोपहर 3:54
बुध, 17 अक्टूबर 2029एकादशीधनिष्ठासुबह 11:34 – दोपहर 1:01
गुरु, 18 अक्टूबर 2029एकादशीशतभिषादोपहर 1:00 – दोपहर 2:26
शुक्र, 19 अक्टूबर 2029द्वादशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 10:08 – सुबह 11:34
शनि, 20 अक्टूबर 2029त्रयोदशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 8:42 – सुबह 10:08

सामान्य प्रश्न

रवि, 14 अक्टूबर 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; तड़के 4:29 तक।

रवि, 14 अक्टूबर 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है; दोपहर 3:49 तक।

रवि, 14 अक्टूबर 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 3:56 – शाम 5:22 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 14 अक्टूबर 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:47 और सूर्यास्त शाम 5:22 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।