दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, बुध, 22 अगस्त 2029
बुध, 22 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र श्रवण, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 11:52 – दोपहर 1:28 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:25
- सूर्यास्त
- शाम 6:18
- तिथि
- त्रयोदशी · सुबह 6:40 तक
- नक्षत्र
- श्रवण · तड़के 5:39 तक
- योग
- आयुष्मान
- करण
- तैतिल
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- सुबह 11:52 – दोपहर 1:28
- यमगंड
- सुबह 7:02 – सुबह 8:38
- गुलिक काल
- सुबह 10:15 – सुबह 11:52
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:19 – दोपहर 12:07
- अमृत काल
- सुबह 9:27 – सुबह 11:03
आज पटना में
बुध, 22 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:25 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र श्रवण, योग आयुष्मान और करण तैतिल है। राहु काल सुबह 11:52 – दोपहर 1:28 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 23 अगस्त 2029 | चतुर्दशी | श्रवण | दोपहर 1:28 – दोपहर 3:04 |
| शुक्र, 24 अगस्त 2029 | पूर्णिमा | धनिष्ठा | सुबह 10:15 – सुबह 11:51 |
| शनि, 25 अगस्त 2029 | प्रतिपदा | शतभिषा | सुबह 8:39 – सुबह 10:15 |
| रवि, 26 अगस्त 2029 | द्वितीया | पूर्वा भाद्रपद | शाम 4:38 – शाम 6:14 |
| सोम, 27 अगस्त 2029 | तृतीया | उत्तरा भाद्रपद | सुबह 7:03 – सुबह 8:39 |
| मंगल, 28 अगस्त 2029 | चतुर्थी | रेवती | दोपहर 3:01 – शाम 4:37 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 22 अगस्त 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; सुबह 6:40 तक।
बुध, 22 अगस्त 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र श्रवण है; तड़के 5:39 तक।
बुध, 22 अगस्त 2029 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल सुबह 11:52 – दोपहर 1:28 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 22 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:25 और सूर्यास्त शाम 6:18 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।