सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, मंगल, 7 अगस्त 2029

मंगल, 7 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग व्याघात और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:13 – शाम 4:52 है।

सूर्योदय
तड़के 5:18
सूर्यास्त
शाम 6:31
तिथि
द्वादशी · सुबह 10:48 तक
नक्षत्र
आर्द्रा · रात 8:28 तक
योग
व्याघात
करण
तैतिल
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:13 – शाम 4:52
यमगंड
सुबह 8:37 – सुबह 10:16
गुलिक काल
सुबह 11:55 – दोपहर 1:34
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
अमृत काल
सुबह 7:47 – सुबह 9:26

पूरा पंचांग खोलें

आज पटना में

मंगल, 7 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:18 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वादशी, नक्षत्र आर्द्रा, योग व्याघात और करण तैतिल है। राहु काल दोपहर 3:13 – शाम 4:52 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 8 अगस्त 2029त्रयोदशीपुनर्वसुसुबह 11:54 – दोपहर 1:33
गुरु, 9 अगस्त 2029चतुर्दशीपुष्यदोपहर 1:33 – दोपहर 3:12
शुक्र, 10 अगस्त 2029अमावस्याआश्लेषासुबह 10:16 – सुबह 11:54
शनि, 11 अगस्त 2029द्वितीयामघासुबह 8:37 – सुबह 10:16
रवि, 12 अगस्त 2029तृतीयापूर्वा फाल्गुनीशाम 4:49 – शाम 6:27
सोम, 13 अगस्त 2029चतुर्थीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 6:59 – सुबह 8:37

सामान्य प्रश्न

मंगल, 7 अगस्त 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि द्वादशी है; सुबह 10:48 तक।

मंगल, 7 अगस्त 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आर्द्रा है; रात 8:28 तक।

मंगल, 7 अगस्त 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल दोपहर 3:13 – शाम 4:52 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 7 अगस्त 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:18 और सूर्यास्त शाम 6:31 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।