दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, सोम, 30 जुलाई 2029
सोम, 30 जुलाई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शोभन और करण कौलव है। राहु काल सुबह 6:55 – सुबह 8:35 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:15
- सूर्यास्त
- शाम 6:36
- तिथि
- पंचमी · रात 11:00 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · तड़के 5:13 तक
- योग
- शोभन
- करण
- कौलव
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 6:55 – सुबह 8:35
- यमगंड
- सुबह 10:15 – सुबह 11:55
- गुलिक काल
- दोपहर 1:35 – दोपहर 3:16
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:22 – दोपहर 12:10
- अमृत काल
- सुबह 6:05 – सुबह 7:45
आज पटना में
सोम, 30 जुलाई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग शोभन और करण कौलव है। राहु काल सुबह 6:55 – सुबह 8:35 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 31 जुलाई 2029 | षष्ठी | रेवती | दोपहर 3:15 – शाम 4:55 |
| बुध, 1 अगस्त 2029 | सप्तमी | रेवती | सुबह 11:55 – दोपहर 1:35 |
| गुरु, 2 अगस्त 2029 | अष्टमी | अश्विनी | दोपहर 1:35 – दोपहर 3:15 |
| शुक्र, 3 अगस्त 2029 | अष्टमी | भरणी | सुबह 10:15 – सुबह 11:55 |
| शनि, 4 अगस्त 2029 | नवमी | कृत्तिका | सुबह 8:36 – सुबह 10:15 |
| रवि, 5 अगस्त 2029 | दशमी | रोहिणी | शाम 4:53 – शाम 6:32 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 30 जुलाई 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; रात 11:00 तक।
सोम, 30 जुलाई 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; तड़के 5:13 तक।
सोम, 30 जुलाई 2029 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल सुबह 6:55 – सुबह 8:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 30 जुलाई 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:15 और सूर्यास्त शाम 6:36 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।