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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, बुध, 4 जुलाई 2029

बुध, 4 जुलाई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र रेवती, योग शोभन और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:53 – दोपहर 1:36 है।

सूर्योदय
तड़के 5:03
सूर्यास्त
शाम 6:44
तिथि
अष्टमी · दोपहर 12:37 तक
नक्षत्र
रेवती · रात 12:03 तक
योग
शोभन
करण
कौलव
वार
बुधवार
राहु काल
सुबह 11:53 – दोपहर 1:36
यमगंड
सुबह 6:45 – सुबह 8:28
गुलिक काल
सुबह 10:11 – सुबह 11:53
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:19 – दोपहर 12:07
अमृत काल
सुबह 9:19 – सुबह 11:02

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आज पटना में

बुध, 4 जुलाई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:03 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र रेवती, योग शोभन और करण कौलव है। राहु काल सुबह 11:53 – दोपहर 1:36 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 5 जुलाई 2029नवमीअश्विनीदोपहर 1:36 – दोपहर 3:19
शुक्र, 6 जुलाई 2029दशमीभरणीसुबह 10:11 – सुबह 11:54
शनि, 7 जुलाई 2029एकादशीभरणीसुबह 8:29 – सुबह 10:11
रवि, 8 जुलाई 2029द्वादशीकृत्तिकाशाम 5:01 – शाम 6:44
सोम, 9 जुलाई 2029त्रयोदशीरोहिणीसुबह 6:47 – सुबह 8:29
मंगल, 10 जुलाई 2029चतुर्दशीमृगशिरादोपहर 3:19 – शाम 5:01

सामान्य प्रश्न

बुध, 4 जुलाई 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; दोपहर 12:37 तक।

बुध, 4 जुलाई 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; रात 12:03 तक।

बुध, 4 जुलाई 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 11:53 – दोपहर 1:36 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 4 जुलाई 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:03 और सूर्यास्त शाम 6:44 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।