दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, मंगल, 26 जून 2029
मंगल, 26 जून 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र मूल, योग शुभ और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:18 – शाम 5:01 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:00
- सूर्यास्त
- शाम 6:44
- तिथि
- पूर्णिमा · सुबह 8:52 तक
- नक्षत्र
- मूल · दोपहर 1:39 तक
- योग
- शुभ
- करण
- बव
- वार
- मंगलवार
- राहु काल
- दोपहर 3:18 – शाम 5:01
- यमगंड
- सुबह 8:26 – सुबह 10:09
- गुलिक काल
- सुबह 11:52 – दोपहर 1:35
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:17 – दोपहर 12:05
- अमृत काल
- सुबह 7:34 – सुबह 9:17
आज पटना में
मंगल, 26 जून 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:00 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा, नक्षत्र मूल, योग शुभ और करण बव है। राहु काल दोपहर 3:18 – शाम 5:01 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| बुध, 27 जून 2029 | प्रतिपदा | पूर्वाषाढ़ा | सुबह 11:52 – दोपहर 1:35 |
| गुरु, 28 जून 2029 | द्वितीया | उत्तराषाढ़ा | दोपहर 1:35 – दोपहर 3:18 |
| शुक्र, 29 जून 2029 | तृतीया | श्रवण | सुबह 10:10 – सुबह 11:52 |
| शनि, 30 जून 2029 | चतुर्थी | धनिष्ठा | सुबह 8:27 – सुबह 10:10 |
| रवि, 1 जुलाई 2029 | पंचमी | शतभिषा | शाम 5:01 – शाम 6:44 |
| सोम, 2 जुलाई 2029 | षष्ठी | पूर्वा भाद्रपद | सुबह 6:45 – सुबह 8:27 |
सामान्य प्रश्न
मंगल, 26 जून 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि पूर्णिमा है; सुबह 8:52 तक।
मंगल, 26 जून 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; दोपहर 1:39 तक।
मंगल, 26 जून 2029 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल दोपहर 3:18 – शाम 5:01 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
मंगल, 26 जून 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:00 और सूर्यास्त शाम 6:44 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।