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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शनि, 9 जून 2029

शनि, 9 जून 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 4:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र भरणी, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 8:23 – सुबह 10:06 है।

सूर्योदय
तड़के 4:57
सूर्यास्त
शाम 6:39
तिथि
त्रयोदशी · सुबह 6:48 तक
नक्षत्र
भरणी · रात 9:50 तक
योग
शोभन
करण
गर
वार
शनिवार
राहु काल
सुबह 8:23 – सुबह 10:06
यमगंड
दोपहर 1:31 – दोपहर 3:14
गुलिक काल
तड़के 4:57 – सुबह 6:40
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
अमृत काल
दोपहर 2:22 – शाम 4:05

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आज पटना में

शनि, 9 जून 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 4:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र भरणी, योग शोभन और करण गर है। राहु काल सुबह 8:23 – सुबह 10:06 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
रवि, 10 जून 2029त्रयोदशीकृत्तिकाशाम 4:57 – शाम 6:40
सोम, 11 जून 2029चतुर्दशीरोहिणीसुबह 6:40 – सुबह 8:23
मंगल, 12 जून 2029अमावस्यामृगशिरादोपहर 3:15 – शाम 4:57
बुध, 13 जून 2029प्रतिपदाआर्द्रासुबह 11:49 – दोपहर 1:32
गुरु, 14 जून 2029द्वितीयापुनर्वसुदोपहर 1:32 – दोपहर 3:15
शुक्र, 15 जून 2029तृतीयापुष्यसुबह 10:07 – सुबह 11:49

सामान्य प्रश्न

शनि, 9 जून 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; सुबह 6:48 तक।

शनि, 9 जून 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र भरणी है; रात 9:50 तक।

शनि, 9 जून 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 8:23 – सुबह 10:06 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शनि, 9 जून 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 4:57 और सूर्यास्त शाम 6:39 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।