दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, सोम, 21 मई 2029
सोम, 21 मई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र मघा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 6:42 – सुबह 8:23 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:01
- सूर्यास्त
- शाम 6:30
- तिथि
- अष्टमी · रात 8:54 तक
- नक्षत्र
- मघा · रात 10:10 तक
- योग
- वृद्धि
- करण
- विष्टि
- वार
- सोमवार
- राहु काल
- सुबह 6:42 – सुबह 8:23
- यमगंड
- सुबह 10:05 – सुबह 11:46
- गुलिक काल
- दोपहर 1:27 – दोपहर 3:08
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:12 – दोपहर 12:00
- अमृत काल
- तड़के 5:52 – सुबह 7:33
आज पटना में
सोम, 21 मई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:01 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र मघा, योग वृद्धि और करण विष्टि है। राहु काल सुबह 6:42 – सुबह 8:23 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| मंगल, 22 मई 2029 | नवमी | पूर्वा फाल्गुनी | दोपहर 3:08 – शाम 4:50 |
| बुध, 23 मई 2029 | दशमी | उत्तरा फाल्गुनी | सुबह 11:46 – दोपहर 1:27 |
| गुरु, 24 मई 2029 | एकादशी | हस्त | दोपहर 1:27 – दोपहर 3:09 |
| शुक्र, 25 मई 2029 | द्वादशी | चित्रा | सुबह 10:04 – सुबह 11:46 |
| शनि, 26 मई 2029 | त्रयोदशी | स्वाती | सुबह 8:23 – सुबह 10:04 |
| रवि, 27 मई 2029 | पूर्णिमा | विशाखा | शाम 4:52 – शाम 6:33 |
सामान्य प्रश्न
सोम, 21 मई 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; रात 8:54 तक।
सोम, 21 मई 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; रात 10:10 तक।
सोम, 21 मई 2029 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल सुबह 6:42 – सुबह 8:23 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
सोम, 21 मई 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:01 और सूर्यास्त शाम 6:30 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।