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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शुक्र, 11 मई 2029

शुक्र, 11 मई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रेवती, योग विष्कम्भ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:06 – सुबह 11:45 है।

सूर्योदय
तड़के 5:06
सूर्यास्त
शाम 6:25
तिथि
त्रयोदशी · दोपहर 2:55 तक
नक्षत्र
रेवती · सुबह 9:27 तक
योग
विष्कम्भ
करण
वणिज
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:06 – सुबह 11:45
यमगंड
दोपहर 3:05 – शाम 4:45
गुलिक काल
सुबह 6:46 – सुबह 8:26
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:12 – दोपहर 12:00
अमृत काल
दोपहर 12:35 – दोपहर 2:15

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आज पटना में

शुक्र, 11 मई 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:06 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी, नक्षत्र रेवती, योग विष्कम्भ और करण वणिज है। राहु काल सुबह 10:06 – सुबह 11:45 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 12 मई 2029चतुर्दशीअश्विनीसुबह 8:25 – सुबह 10:05
रवि, 13 मई 2029अमावस्याभरणीशाम 4:46 – शाम 6:26
सोम, 14 मई 2029प्रतिपदाकृत्तिकासुबह 6:44 – सुबह 8:25
मंगल, 15 मई 2029द्वितीयारोहिणीदोपहर 3:06 – शाम 4:47
बुध, 16 मई 2029तृतीयामृगशिरासुबह 11:45 – दोपहर 1:26
गुरु, 17 मई 2029चतुर्थीआर्द्रादोपहर 1:26 – दोपहर 3:07

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 11 मई 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि त्रयोदशी है; दोपहर 2:55 तक।

शुक्र, 11 मई 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र रेवती है; सुबह 9:27 तक।

शुक्र, 11 मई 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 10:06 – सुबह 11:45 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 11 मई 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:06 और सूर्यास्त शाम 6:25 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।