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दैनिक पंचांग

पटना पंचांग, शुक्र, 27 अप्रैल 2029

शुक्र, 27 अप्रैल 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र हस्त, योग व्याघात और करण गर है। राहु काल सुबह 10:09 – सुबह 11:47 है।

सूर्योदय
तड़के 5:16
सूर्यास्त
शाम 6:18
तिथि
चतुर्दशी · रात 7:56 तक
नक्षत्र
हस्त · सुबह 7:19 तक
योग
व्याघात
करण
गर
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:09 – सुबह 11:47
यमगंड
दोपहर 3:02 – शाम 4:40
गुलिक काल
सुबह 6:53 – सुबह 8:31
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:14 – दोपहर 12:02
अमृत काल
दोपहर 12:36 – दोपहर 2:13

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आज पटना में

शुक्र, 27 अप्रैल 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:16 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र हस्त, योग व्याघात और करण गर है। राहु काल सुबह 10:09 – सुबह 11:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

पटना – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 28 अप्रैल 2029पूर्णिमास्वातीसुबह 8:31 – सुबह 10:09
रवि, 29 अप्रैल 2029प्रतिपदाविशाखाशाम 4:41 – शाम 6:19
सोम, 30 अप्रैल 2029द्वितीयाअनुराधासुबह 6:52 – सुबह 8:30
मंगल, 1 मई 2029तृतीयाज्येष्ठादोपहर 3:03 – शाम 4:41
बुध, 2 मई 2029पंचमीमूलसुबह 11:46 – दोपहर 1:25
गुरु, 3 मई 2029षष्ठीपूर्वाषाढ़ादोपहर 1:25 – दोपहर 3:03

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 27 अप्रैल 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; रात 7:56 तक।

शुक्र, 27 अप्रैल 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र हस्त है; सुबह 7:19 तक।

शुक्र, 27 अप्रैल 2029 को पटना में राहु काल कब है?

पटना में राहु काल सुबह 10:09 – सुबह 11:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 27 अप्रैल 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:16 और सूर्यास्त शाम 6:18 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।