दैनिक पंचांग
पटना पंचांग, शनि, 14 अप्रैल 2029
शनि, 14 अप्रैल 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अश्विनी, योग Vishkumbha और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 8:38 – सुबह 10:14 है।
- सूर्योदय
- तड़के 5:27
- सूर्यास्त
- शाम 6:12
- तिथि
- प्रतिपदा · तड़के 5:33 तक
- नक्षत्र
- अश्विनी · सुबह 6:07 तक
- योग
- Vishkumbha
- करण
- किंस्तुघ्न
- वार
- शनिवार
- राहु काल
- सुबह 8:38 – सुबह 10:14
- यमगंड
- दोपहर 1:25 – दोपहर 3:00
- गुलिक काल
- तड़के 5:27 – सुबह 7:03
- अभिजीत मुहूर्त
- सुबह 11:18 – दोपहर 12:06
- अमृत काल
- दोपहर 2:13 – दोपहर 3:48
आज पटना में
शनि, 14 अप्रैल 2029 को पटना में सूर्योदय तड़के 5:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र अश्विनी, योग Vishkumbha और करण किंस्तुघ्न है। राहु काल सुबह 8:38 – सुबह 10:14 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल पटना के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| रवि, 15 अप्रैल 2029 | प्रतिपदा | अश्विनी | शाम 4:36 – शाम 6:12 |
| सोम, 16 अप्रैल 2029 | द्वितीया | भरणी | सुबह 7:01 – सुबह 8:37 |
| मंगल, 17 अप्रैल 2029 | तृतीया | कृत्तिका | दोपहर 3:01 – शाम 4:37 |
| बुध, 18 अप्रैल 2029 | चतुर्थी | रोहिणी | सुबह 11:48 – दोपहर 1:25 |
| गुरु, 19 अप्रैल 2029 | पंचमी | मृगशिरा | दोपहर 1:25 – दोपहर 3:01 |
| शुक्र, 20 अप्रैल 2029 | षष्ठी | आर्द्रा | सुबह 10:11 – सुबह 11:48 |
सामान्य प्रश्न
शनि, 14 अप्रैल 2029 को पटना में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; तड़के 5:33 तक।
शनि, 14 अप्रैल 2029 को पटना में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र अश्विनी है; सुबह 6:07 तक।
शनि, 14 अप्रैल 2029 को पटना में राहु काल कब है?
पटना में राहु काल सुबह 8:38 – सुबह 10:14 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
शनि, 14 अप्रैल 2029 को पटना में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय तड़के 5:27 और सूर्यास्त शाम 6:12 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।