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दैनिक पंचांग

नागपुर पंचांग, गुरु, 31 अक्टूबर 2030

गुरु, 31 अक्टूबर 2030 को नागपुर में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र मूल, योग अतिगण्ड और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:22 – दोपहर 2:47 है।

सूर्योदय
सुबह 6:15
सूर्यास्त
शाम 5:38
तिथि
पंचमी · सुबह 10:25 तक
नक्षत्र
मूल · सुबह 10:06 तक
योग
अतिगण्ड
करण
बालव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:22 – दोपहर 2:47
यमगंड
सुबह 6:15 – सुबह 7:41
गुलिक काल
सुबह 9:06 – सुबह 10:31
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:28 – दोपहर 12:16
अमृत काल
सुबह 11:14 – दोपहर 12:39

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आज नागपुर में

गुरु, 31 अक्टूबर 2030 को नागपुर में सूर्योदय सुबह 6:15 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र मूल, योग अतिगण्ड और करण बालव है। राहु काल दोपहर 1:22 – दोपहर 2:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल नागपुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

नागपुर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 1 नवंबर 2030षष्ठीपूर्वाषाढ़ासुबह 10:31 – सुबह 11:57
शनि, 2 नवंबर 2030सप्तमीउत्तराषाढ़ासुबह 9:06 – सुबह 10:32
रवि, 3 नवंबर 2030नवमीश्रवणशाम 4:11 – शाम 5:36
सोम, 4 नवंबर 2030दशमीधनिष्ठासुबह 7:42 – सुबह 9:07
मंगल, 5 नवंबर 2030एकादशीशतभिषादोपहर 2:46 – शाम 4:11
बुध, 6 नवंबर 2030द्वादशीपूर्वा भाद्रपदसुबह 11:57 – दोपहर 1:21

सामान्य प्रश्न

गुरु, 31 अक्टूबर 2030 को नागपुर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; सुबह 10:25 तक।

गुरु, 31 अक्टूबर 2030 को नागपुर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मूल है; सुबह 10:06 तक।

गुरु, 31 अक्टूबर 2030 को नागपुर में राहु काल कब है?

नागपुर में राहु काल दोपहर 1:22 – दोपहर 2:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 31 अक्टूबर 2030 को नागपुर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:15 और सूर्यास्त शाम 5:38 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।