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दैनिक पंचांग

नागपुर पंचांग, मंगल, 19 फ़रवरी 2030

मंगल, 19 फ़रवरी 2030 को नागपुर में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग अतिगण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:20 – शाम 4:47 है।

सूर्योदय
सुबह 6:41
सूर्यास्त
शाम 6:13
तिथि
प्रतिपदा · सुबह 10:05 तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी · रात 12:18 तक
योग
अतिगण्ड
करण
कौलव
वार
मंगलवार
राहु काल
दोपहर 3:20 – शाम 4:47
यमगंड
सुबह 9:34 – सुबह 11:01
गुलिक काल
दोपहर 12:27 – दोपहर 1:54
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:58 – दोपहर 12:46
अमृत काल
सुबह 8:51 – सुबह 10:17

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आज नागपुर में

मंगल, 19 फ़रवरी 2030 को नागपुर में सूर्योदय सुबह 6:41 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा, नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी, योग अतिगण्ड और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 3:20 – शाम 4:47 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल नागपुर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

नागपुर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
बुध, 20 फ़रवरी 2030द्वितीयाउत्तरा फाल्गुनीदोपहर 12:27 – दोपहर 1:54
गुरु, 21 फ़रवरी 2030तृतीयाहस्तदोपहर 1:54 – दोपहर 3:20
शुक्र, 22 फ़रवरी 2030पंचमीचित्रासुबह 11:00 – दोपहर 12:27
शनि, 23 फ़रवरी 2030षष्ठीस्वातीसुबह 9:32 – सुबह 11:00
रवि, 24 फ़रवरी 2030सप्तमीविशाखाशाम 4:48 – शाम 6:15
सोम, 25 फ़रवरी 2030अष्टमीअनुराधासुबह 8:04 – सुबह 9:32

सामान्य प्रश्न

मंगल, 19 फ़रवरी 2030 को नागपुर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि प्रतिपदा है; सुबह 10:05 तक।

मंगल, 19 फ़रवरी 2030 को नागपुर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है; रात 12:18 तक।

मंगल, 19 फ़रवरी 2030 को नागपुर में राहु काल कब है?

नागपुर में राहु काल दोपहर 3:20 – शाम 4:47 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

मंगल, 19 फ़रवरी 2030 को नागपुर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:41 और सूर्यास्त शाम 6:13 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।