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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, बुध, 19 नवंबर 2031

बुध, 19 नवंबर 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग धृति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:08 – दोपहर 1:35 है।

सूर्योदय
सुबह 6:22
सूर्यास्त
शाम 5:54
तिथि
पंचमी · दोपहर 2:00 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · रात 2:29 तक
योग
धृति
करण
बालव
वार
बुधवार
राहु काल
दोपहर 12:08 – दोपहर 1:35
यमगंड
सुबह 7:49 – सुबह 9:15
गुलिक काल
सुबह 10:42 – दोपहर 12:08
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:39 – दोपहर 12:27
अमृत काल
सुबह 9:58 – सुबह 11:25

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आज मैसूर में

बुध, 19 नवंबर 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:22 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि पंचमी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग धृति और करण बालव है। राहु काल दोपहर 12:08 – दोपहर 1:35 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
गुरु, 20 नवंबर 2031षष्ठीश्रवणदोपहर 1:35 – दोपहर 3:01
शुक्र, 21 नवंबर 2031सप्तमीधनिष्ठासुबह 10:42 – दोपहर 12:09
शनि, 22 नवंबर 2031अष्टमीशतभिषासुबह 9:16 – सुबह 10:43
रवि, 23 नवंबर 2031नवमीपूर्वा भाद्रपदशाम 4:28 – शाम 5:54
सोम, 24 नवंबर 2031एकादशीउत्तरा भाद्रपदसुबह 7:51 – सुबह 9:17
मंगल, 25 नवंबर 2031द्वादशीरेवतीदोपहर 3:02 – शाम 4:28

सामान्य प्रश्न

बुध, 19 नवंबर 2031 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि पंचमी है; दोपहर 2:00 तक।

बुध, 19 नवंबर 2031 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; रात 2:29 तक।

बुध, 19 नवंबर 2031 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल दोपहर 12:08 – दोपहर 1:35 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

बुध, 19 नवंबर 2031 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:22 और सूर्यास्त शाम 5:54 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।