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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, रवि, 30 मार्च 2031

रवि, 30 मार्च 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:03 – शाम 6:34 है।

सूर्योदय
सुबह 6:21
सूर्यास्त
शाम 6:34
तिथि
सप्तमी · शाम 4:45 तक
नक्षत्र
मृगशिरा · सुबह 11:28 तक
योग
आयुष्मान
करण
वणिज
वार
रविवार
राहु काल
शाम 5:03 – शाम 6:34
यमगंड
दोपहर 12:28 – दोपहर 1:59
गुलिक काल
दोपहर 3:31 – शाम 5:03
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
अमृत काल
दोपहर 1:13 – दोपहर 2:45

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आज मैसूर में

रवि, 30 मार्च 2031 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:21 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि सप्तमी, नक्षत्र मृगशिरा, योग आयुष्मान और करण वणिज है। राहु काल शाम 5:03 – शाम 6:34 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
सोम, 31 मार्च 2031अष्टमीआर्द्रासुबह 7:52 – सुबह 9:24
मंगल, 1 अप्रैल 2031नवमीपुनर्वसुदोपहर 3:31 – शाम 5:02
बुध, 2 अप्रैल 2031दशमीपुष्यदोपहर 12:27 – दोपहर 1:59
गुरु, 3 अप्रैल 2031एकादशीआश्लेषादोपहर 1:58 – दोपहर 3:30
शुक्र, 4 अप्रैल 2031द्वादशीमघासुबह 10:54 – दोपहर 12:26
शनि, 5 अप्रैल 2031त्रयोदशीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 9:22 – सुबह 10:54

सामान्य प्रश्न

रवि, 30 मार्च 2031 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि सप्तमी है; शाम 4:45 तक।

रवि, 30 मार्च 2031 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मृगशिरा है; सुबह 11:28 तक।

रवि, 30 मार्च 2031 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल शाम 5:03 – शाम 6:34 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

रवि, 30 मार्च 2031 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:21 और सूर्यास्त शाम 6:34 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।