सामग्री पर जाएँ

दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, सोम, 12 अगस्त 2030

सोम, 12 अगस्त 2030 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग प्रीति और करण गर है। राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:20 है।

सूर्योदय
सुबह 6:11
सूर्यास्त
शाम 6:45
तिथि
चतुर्दशी · शाम 6:24 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा · दोपहर 12:21 तक
योग
प्रीति
करण
गर
वार
सोमवार
राहु काल
सुबह 7:45 – सुबह 9:20
यमगंड
सुबह 10:54 – दोपहर 12:28
गुलिक काल
दोपहर 2:02 – दोपहर 3:36
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:57 – दोपहर 12:45
अमृत काल
सुबह 6:58 – सुबह 8:32

पूरा पंचांग खोलें

आज मैसूर में

सोम, 12 अगस्त 2030 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:11 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी, नक्षत्र उत्तराषाढ़ा, योग प्रीति और करण गर है। राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:20 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
मंगल, 13 अगस्त 2030पूर्णिमाश्रवणदोपहर 3:36 – शाम 5:10
बुध, 14 अगस्त 2030प्रतिपदाधनिष्ठादोपहर 12:28 – दोपहर 2:02
गुरु, 15 अगस्त 2030द्वितीयाशतभिषादोपहर 2:01 – दोपहर 3:35
शुक्र, 16 अगस्त 2030तृतीयापूर्वा भाद्रपदसुबह 10:53 – दोपहर 12:27
शनि, 17 अगस्त 2030चतुर्थीउत्तरा भाद्रपदसुबह 9:19 – सुबह 10:53
रवि, 18 अगस्त 2030पंचमीरेवतीशाम 5:08 – शाम 6:42

सामान्य प्रश्न

सोम, 12 अगस्त 2030 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि चतुर्दशी है; शाम 6:24 तक।

सोम, 12 अगस्त 2030 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है; दोपहर 12:21 तक।

सोम, 12 अगस्त 2030 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल सुबह 7:45 – सुबह 9:20 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

सोम, 12 अगस्त 2030 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:11 और सूर्यास्त शाम 6:45 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।