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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, शुक्र, 7 जून 2030

शुक्र, 7 जून 2030 को मैसूर में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र आश्लेषा, योग ध्रुव और करण कौलव है। राहु काल सुबह 10:46 – दोपहर 12:22 है।

सूर्योदय
तड़के 5:57
सूर्यास्त
शाम 6:47
तिथि
षष्ठी · रात 9:40 तक
नक्षत्र
आश्लेषा · दोपहर 12:54 तक
योग
ध्रुव
करण
कौलव
वार
शुक्रवार
राहु काल
सुबह 10:46 – दोपहर 12:22
यमगंड
दोपहर 3:34 – शाम 5:10
गुलिक काल
सुबह 7:33 – सुबह 9:09
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:50 – दोपहर 12:38
अमृत काल
दोपहर 1:10 – दोपहर 2:46

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आज मैसूर में

शुक्र, 7 जून 2030 को मैसूर में सूर्योदय तड़के 5:57 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि षष्ठी, नक्षत्र आश्लेषा, योग ध्रुव और करण कौलव है। राहु काल सुबह 10:46 – दोपहर 12:22 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शनि, 8 जून 2030सप्तमीमघासुबह 9:10 – सुबह 10:46
रवि, 9 जून 2030अष्टमीपूर्वा फाल्गुनीशाम 5:11 – शाम 6:47
सोम, 10 जून 2030नवमीउत्तरा फाल्गुनीसुबह 7:34 – सुबह 9:10
मंगल, 11 जून 2030दशमीहस्तदोपहर 3:35 – शाम 5:11
बुध, 12 जून 2030एकादशीचित्रादोपहर 12:23 – दोपहर 1:59
गुरु, 13 जून 2030द्वादशीस्वातीदोपहर 1:59 – दोपहर 3:36

सामान्य प्रश्न

शुक्र, 7 जून 2030 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि षष्ठी है; रात 9:40 तक।

शुक्र, 7 जून 2030 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र आश्लेषा है; दोपहर 12:54 तक।

शुक्र, 7 जून 2030 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल सुबह 10:46 – दोपहर 12:22 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

शुक्र, 7 जून 2030 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय तड़के 5:57 और सूर्यास्त शाम 6:47 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।