दैनिक पंचांग
मैसूर पंचांग, बुध, 6 मार्च 2030
बुध, 6 मार्च 2030 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग साध्य और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:34 – दोपहर 2:04 है।
- सूर्योदय
- सुबह 6:36
- सूर्यास्त
- शाम 6:33
- तिथि
- द्वितीया · दोपहर 1:39 तक
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद · दोपहर 3:53 तक
- योग
- साध्य
- करण
- कौलव
- वार
- बुधवार
- राहु काल
- दोपहर 12:34 – दोपहर 2:04
- यमगंड
- सुबह 8:05 – सुबह 9:35
- गुलिक काल
- सुबह 11:05 – दोपहर 12:34
- अभिजीत मुहूर्त
- दोपहर 12:04 – दोपहर 12:52
- अमृत काल
- सुबह 10:20 – सुबह 11:49
आज मैसूर में
बुध, 6 मार्च 2030 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:36 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि द्वितीया, नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद, योग साध्य और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 12:34 – दोपहर 2:04 है।
ये समय कैसे निकाले जाते हैं
इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।
| तिथि (दिनांक) | तिथि | नक्षत्र | राहु काल |
|---|---|---|---|
| गुरु, 7 मार्च 2030 | तृतीया | रेवती | दोपहर 2:04 – दोपहर 3:33 |
| शुक्र, 8 मार्च 2030 | चतुर्थी | अश्विनी | सुबह 11:04 – दोपहर 12:34 |
| शनि, 9 मार्च 2030 | पंचमी | भरणी | सुबह 9:34 – सुबह 11:04 |
| रवि, 10 मार्च 2030 | षष्ठी | कृत्तिका | शाम 5:03 – शाम 6:33 |
| सोम, 11 मार्च 2030 | सप्तमी | रोहिणी | सुबह 8:03 – सुबह 9:33 |
| मंगल, 12 मार्च 2030 | अष्टमी | रोहिणी | दोपहर 3:33 – शाम 5:03 |
सामान्य प्रश्न
बुध, 6 मार्च 2030 को मैसूर में कौन सी तिथि है?
सूर्योदय पर तिथि द्वितीया है; दोपहर 1:39 तक।
बुध, 6 मार्च 2030 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?
सूर्योदय पर नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है; दोपहर 3:53 तक।
बुध, 6 मार्च 2030 को मैसूर में राहु काल कब है?
मैसूर में राहु काल दोपहर 12:34 – दोपहर 2:04 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।
बुध, 6 मार्च 2030 को मैसूर में सूर्योदय कब है?
सूर्योदय सुबह 6:36 और सूर्यास्त शाम 6:33 पर है।
शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?
सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।
कौन सा अयनांश उपयोग होता है?
अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।
क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?
हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।
क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?
ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।