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दैनिक पंचांग

मैसूर पंचांग, गुरु, 29 नवंबर 2029

गुरु, 29 नवंबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र मघा, योग इन्द्र और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:37 – दोपहर 3:03 है।

सूर्योदय
सुबह 6:27
सूर्यास्त
शाम 5:55
तिथि
अष्टमी · शाम 4:41 तक
नक्षत्र
मघा · सुबह 6:18 तक
योग
इन्द्र
करण
कौलव
वार
गुरुवार
राहु काल
दोपहर 1:37 – दोपहर 3:03
यमगंड
सुबह 6:27 – सुबह 7:53
गुलिक काल
सुबह 9:19 – सुबह 10:45
अभिजीत मुहूर्त
सुबह 11:43 – दोपहर 12:31
अमृत काल
सुबह 11:28 – दोपहर 12:54

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आज मैसूर में

गुरु, 29 नवंबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय सुबह 6:27 पर होता है। सूर्योदय पर तिथि अष्टमी, नक्षत्र मघा, योग इन्द्र और करण कौलव है। राहु काल दोपहर 1:37 – दोपहर 3:03 है।

ये समय कैसे निकाले जाते हैं

इस पृष्ठ का सूर्योदय, सूर्यास्त और सभी काल मैसूर के अक्षांश-देशांतर के लिए, लाहिड़ी अयनांश के साथ दृक् गणित से निकाले गए हैं। पंचांग का दिन एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक होता है; समाप्ति समय के साथ दिखाई गई तिथि या नक्षत्र उसी दिन बदल जाता है। राहु काल, यमगंड और गुलिक काल वार के अनुसार दिनमान का आठवाँ भाग हैं।

मैसूर – अगले छह दिन
तिथि (दिनांक)तिथिनक्षत्रराहु काल
शुक्र, 30 नवंबर 2029नवमीपूर्वा फाल्गुनीसुबह 10:46 – दोपहर 12:12
शनि, 1 दिसंबर 2029दशमीहस्तसुबह 9:20 – सुबह 10:46
रवि, 2 दिसंबर 2029एकादशीचित्राशाम 4:30 – शाम 5:56
सोम, 3 दिसंबर 2029द्वादशीस्वातीसुबह 7:55 – सुबह 9:21
मंगल, 4 दिसंबर 2029चतुर्दशीविशाखादोपहर 3:05 – शाम 4:31
बुध, 5 दिसंबर 2029अमावस्याअनुराधादोपहर 12:14 – दोपहर 1:39

सामान्य प्रश्न

गुरु, 29 नवंबर 2029 को मैसूर में कौन सी तिथि है?

सूर्योदय पर तिथि अष्टमी है; शाम 4:41 तक।

गुरु, 29 नवंबर 2029 को मैसूर में कौन सा नक्षत्र है?

सूर्योदय पर नक्षत्र मघा है; सुबह 6:18 तक।

गुरु, 29 नवंबर 2029 को मैसूर में राहु काल कब है?

मैसूर में राहु काल दोपहर 1:37 – दोपहर 3:03 है। नए काम शुरू करने के लिए इसे पारंपरिक रूप से टाला जाता है।

गुरु, 29 नवंबर 2029 को मैसूर में सूर्योदय कब है?

सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 5:55 पर है।

शहरों के बीच पंचांग समय अलग क्यों होता है?

सूर्योदय और दैनिक काल अक्षांश-देशांतर पर निर्भर हैं; तिथि और नक्षत्र एक ही क्षण बदलते हैं, पर स्थानीय समय अलग होता है।

कौन सा अयनांश उपयोग होता है?

अधिकांश भारतीय पंचांगों द्वारा अपनाया गया लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश।

क्या दूसरी तिथि देख सकते हैं?

हाँ। आगे के दिनों की तालिका देखें या पंचांग टूल में कोई भी तिथि और स्थान चुनें।

क्या यह दृक् गणित है या वाक्य?

ये पृष्ठ दृक् गणित का उपयोग करते हैं। पंचांग टूल में कई तमिल मंदिरों द्वारा अपनाई गई वाक्य पद्धति भी उपलब्ध है।